वास्तु अनुसार शहर, गांव व मोहल्ले का निर्धारण
जीवन में सुख शांति व समृद्धि की प्राप्ति हेतु स्वयं का एक मकान का होना ग्रहस्थ आश्रम में बहुत ही आवश्यक प्रतीत होता है | जीवन के सही ढंग से निर्वाह की परिकल्पना के लिए वास्तु में शहर का चयन, शहर में भी सही भूमि का चयन और उसके बाद पिंड, आय, वार, नक्षत्र इत्यादि की गणना के द्वारा मकान बनाया जाना चहिये |
भारतीय भवन निर्माण कला स्वयं में कला, विज्ञान तथा आध्यात्म का एक ऐसा अभूतपूर्व तथा विलक्षण संगम है जिसके समकक्ष शिल्प कला विश्व के किसी भी भाग में नही पायी जाती | हमारे भवनों में जहां एक ओर रहने की सुविधाजनक व्यवस्थाओं का चिंतन किया गया है वहीं दूसरी ओर गृहस्थ जीवन पर ज्योतिष, तंत्र तथा दैवीय शक्तियों के प्रतीकात्मक तथा व्यावहारिक प्रभाव का लाभदायक प्रभाव प्राप्त करने के निमित्त वास्तु शास्त्र नामक एक पूरा विधान भी गढा गया तथा उसके अनुसार भवनों को ज्यादा उपयोगी तथा गृहस्थ जीवन को पूर्णता प्रदान करने में सहयोगी बनाने का भी प्रयास किया गया.
मकान बनाने के लिये किसी शहर या मुहल्ले के निर्धारण हेतु वास्तु सूत्र : गाँव या शहर के नाम के अक्षरों की संख्या को 4 से गुणा करने पर प्राप्त संख्या में अपने नाम के अक्षरों की संख्या जोड़ दें। अग्र लिखित कार्यवाही से प्राप्तांक संख्या में 7 का भाग दें।

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